खेल डेस्क. बांग्लादेश ने इंग्लैंड एंड वेल्स में 30 मई से 14 जुलाई तक होने वाले वाले 12वें वर्ल्ड कप के लिए टीम की घोषणा कर दी। 15 सदस्यीय टीम की कमान अनुभवी तेज गेंदबाज मशरफे मुर्तजा संभालेंगे। शाकिब अल हसन को उप-कप्तान बनाया गया है। अब तक एक भी वनडे नहीं खेलने वाले तेज गेंदबाज अबु जाएद को टीम में शामिल किया गया है।
जाएद ने पिछले साल टेस्ट और टी-20 में डेब्यू किया था, लेकिन वे वनडे में अपना स्थान नहीं बना सके थे। उन्होंने पांच टेस्ट में 11 विकेट लिए। वहीं, तीन टी-20 में उनके नाम चार विकेट है।
मध्यक्रम के बल्लेबाज मोसादेक हुसैन की टीम में वापसी हुई है। वे पिछली बार एशिया कप में खेले थे। उन्होंने 24 वनडे में 31 की औसत से 341 रन बनाए हैं। उनके नाम 11 विकेट भी दर्ज है।
वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के दो जून को केनिंग्टन ओवल में खेलेगी। इससे पहले पाकिस्तान (26 मई) और भारत (28 मई) के खिलाफ दो अभ्यास मैच खेलेगी।
बांग्लादेश के अलावा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत ने अपनी टीम घोषित की है। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले सभी देशों को 23 अप्रैल तक अपनी टीम की घोषणा करनी है। टूर्नामेंट का उद्घाटन 30 मई को होगा।
बांग्लादेश टीम : मशरफे मोर्ताजा (कप्तान), तमीम इकबाल, महमूदुल्लाह, मुशफिकुर रहीम, शाकिब अल हसन (उप-कप्तान), सौम्या सरकार, लिटन दास, शब्बीर रहमान, मेहदी हसन, मोहम्मद मिथुन, रूबेल हुसैन, मुस्तफिजुर रहमान, मोहम्मद सैफुद्दीन, मोसादेक हुसैन, अबु जाएद।
एक ग्रह का नाम तय करने का सौभाग्य दुनिया में बहुत ही कम लोगों को हासिल हुआ है। आमतौर पर यह मौका उन्हीं लोगों को मिलता है, जो ग्रहों की खोज करते हैं। कई बार तो ग्रहों और खगोलीय घटनाओं को आधिकारिक नाम तक नहीं दिया जाता और सालों तक वह अपने साइंटिफिक नाम से ही जाने जाते हैं। हालांकि, अब
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को दिए गए आदेश के बाद उठाया है। टिक टॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी बाइट डांस ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कंपनी पक्ष की गैरमौजूदगी में ऐप बैन करने का एकतरफा फैसला सुनाया है। इसे आधार बनाकर कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की याचिका दी थी, जो सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने टिकटॉक के डाउनलोड पर लगाई थी रोक
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 3 अप्रैल को एक आदेश पारित कर सरकार को देश में टिकटॉक के डाउनलोड पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट का तर्क था कि टिकटॉक ऐप से पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिलता है। इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया था। जहां रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को कहा कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ अंतरिम आदेश है और मामला अभी विचाराधीन है। इस मामले पर मद्रास हाईकोर्ट 16 अप्रैल और सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
थर्ड पार्टी कंटेट की जिम्मेदारी हमारी नहीं- कंपनी
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकटॉक ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और बैन को लेकर कोई कमेंट नहीं किया है। टिकटॉक ने कहा कि उसे थर्ड पार्टी द्वारा अपलोड किए गए कंटेट के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत है। कंपनी ने जुलाई 2018 से अब तक 60 लाख से ज्यादा ऐसे वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटाए हैं, जो कंपनी की गाइडलाइन्स का पालन नहीं करते।
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