Tuesday, March 19, 2019

टेस्टिंग के दौरान नजर आई मारुति की नई Alto, SUV जैसा है लुक

मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में अपनी नई Alto हैचबैक को लॉन्च करने की तैयारी में है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक नई मारुति Alto (2020) कंपनी के फ्यूचर-एस कॉन्सेप्ट पर बेस्ड होगी. इसे 2018 ऑटो एक्सपो के दौरान शोकेस किया गया था. इसकी लॉन्चिंग अगले साल यानी 2020 में की जाएगी. नई मारुति अल्टो को फिलहाल सड़कों में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है.

2020 में लॉन्चिंग से पहले मारुति सुजुकी अपनी इस आने वाली कार की टेस्टिंग कर कर रही है. फिलहाल इसे गुरूग्राम में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है. Team-BHP ने टेस्टिंग के दौरान की फोटो शेयर की है. जो लीक तस्वीरें नई अल्टो की सामने आईं है उसमें ये कार SUV की तरह नजर आ रही है.

नई मारुति अल्टो की लीक तस्वीर में ये भी नजर आया है कि इसमें लार्ज रेडिएटर ग्रिल, मस्कुलर पैनल्स, कंवेंशनल हेडलैम्प यूनिट और हाई ग्राउंड क्लीयरेंस मिलेगा. इस नए डिजाइन से मारुति को पहली बार खरीदने वाले ग्राहकों को आकर्षिक करने में मदद मिलेगी. इस नए डिजाइन से नई 2020 Maruti Alto में पहले से ज्यादा स्पेस देने में भी मदद मिलेगी. खास कर इसके टॉल बॉय डिजाइन की वजह से इसमें बेहतर हेडरूम देखने को मिल सकता है.

नई मारुति अल्टो के इंटीरियर की बात करें तो इसमें नए टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम ढेरों फीचर्स जैसे दिए जा सकते हैं. साथ ही इसमें कई सेफ्टी फीचर्स भी दिए जाने की पूरी उम्मीद है क्योंकि कंपनी नए सुरक्षा नियमों के हिसाब से कार को अपडेट कर उतारेगी. नए नियमों के हिसाब से अपकमिंग कार में नया बॉडी स्ट्रक्चर भी देखने को मिलेगा.

मिली जानकारी के मुताबिक, नई मारुति अल्टो में 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो BS-VI एमिशन नॉर्म्स वाला होगा. इसके पावर फीगर्स फिलहाल सामने नहीं आए हैं. हालांकि ये जानकारी मिली है कि ये इंजन मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों ही ट्रांसमिशन के साथ आएगी.

कर्नाटक के धारवाड़ में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 6 घायल हैं. इमारत के मलबे में 40 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक धारवाड़ के कुमारेश्वर नगर में यह हादसा हुआ है. हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने चीफ सेक्रेटरी को तुरंत मौके पर राहत और बचाव कार्य मुहैया कराने के निर्दश दिए हैं.

कुमारस्वामी ने ट्वीट कर बताया कि धारवाड़ में इमारत गिरने के हादसे के बारे में जानकर दुख हुआ. उन्होंने बताया कि मौके पर चल रहे बचाव कार्य का जायजा लेने का काम चीफ सेक्रेटरी को सौंपा गया है. साथ ही अतरिक्त बचाव दल को विशेष विमान से मौकास्थल पर भेजा जा रहा है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज से उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रचार अभियान शुरू कर रही हैं. अपने प्रचार का आगाज प्रियंका ने प्रयागराज से किया है. यहां से गंगा में बोट यात्रा करते हुए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगी. प्रियंका की यह बोट यात्रा करीब 140 किलोमीटर की है. अपनी इस यात्रा के जरिए प्रियंका गांधी पीएम मोदी को भी सीधे तौर पर जवाब देंगी. साथ ही इस यात्रा के दौरान वह मंदिर दर्शन भी करेंगी.

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग देशभक्ति की बात करते हैं, इससे बड़ी देशभक्ति कुछ नहीं हो सकती कि आप जागरूक बनें. प्रियंका गांधी ने कहा कि फिजूल का मुद्दा नहीं उठना चाहिए. सिर्फ देश और विकास की बात होनी चाहिए.

Tuesday, March 12, 2019

监测数据造假、治理“一刀切”…李干杰对这些问题说“不”

  2018年,全国338个地级以上城市优良天数比例提高了1.3个百分点,PM2.5浓度同比下降了9.3%。京津冀及周边地区浓度同比分别下降11.8%,北京下降了12.1%。但李干杰表示,“蓝天保卫战”形势仍不容乐观,甚至是相当严峻,任重道远。

  李干杰介绍了大气重污染的成因——污染排放、气象条件和区域传输。对此,他进一步强调,在天气好的情况下,不要自满松懈;遇到重污染过程、重污染天气又来的时候,也不要丧失信心,不要否定改善成果,更不要轻易地调整和否定治污路线。

  针对“蓝天保卫战”遇到的问题,他形容,“抓一阵松一阵,有外在压力的时候就抓一下,风头一过就放一边。”目前,攻坚越来越难,骨头越啃越硬,好做的事做得差不多了,后面要做的就是更加难的事,更加艰巨的事。

  对此,李干杰连用三个“落实”,表达打赢“蓝天保卫战”的决心。“只要狠抓落实,就一定会见到成效,我们的蓝天就一定会越来越多。”

  “长江病了”,触目惊心的问题如何解决

  “长江病了”,是当天记者会上李干杰回应的另一个环境话题。2018年8月到11月,生态环境部会同相关方面组织了一支专门力量,到11个省市40多个地市进行了暗查、暗访、暗拍,发现约160多个问题。

  李干杰用“触目惊心”形容这些问题。在原有工作基础上,生态环境部开展了四项新的工作:一是劣Ⅴ类水体专项整治。二是入江、入河排污口的排查整治。三是“三磷污染”的专项整治。四是11个省市的省级以上工业园区污水处理设施的专项整治。

  坚决制止“一刀切”

  针对记者提出污染防治过程中出现的“一刀切”和监管放宽两种极端现象,“我们生态环境部都是坚决反对的,发现了也是坚决制止,严肃查处。”李干杰回应。

  李干杰指出,“一刀切”是生态环境领域形式主义和官僚主义的典型表现,既影响和损害了生态环境部的形象和公信力,也损害了合法合规企业的基本权益。

  下一步,在继续做好“号召”、“规范”、“查处”、“带头”四项工作的同时,还要规范好环境行政执法行为、增强服务意识和水平,既监督又帮扶,真真正正设身处地帮企业排忧解难,解决他们在生产过程中环保方面存在的一些问题和困难。

  污染防治工作不能“一刀切”,也坚决反对放松、放宽环境监管。“不能因为经济发展遇到一点困难,就开始动铺摊子上项目、以牺牲环境换取经济增长的念头,甚至想方设法突破生态保护红线。”李干杰说。

  严厉打击环保监测数据造假

  近几年,生态环境部着力推动监测网络建设,解决环境监测质量的真实、准确、可靠问题。李干杰表示,如今的环境监测数据是真实、准确、全面的;对于监测数据造假的问题,生态环境部重拳出击,要做到让其不敢、不能、不愿。

  ——不敢,发现问题立马查处、严肃查处,并且不是一般的追责问责,不是蜻蜓点水。

  ——不能,通过体制机制的改革创新,人防加技防,做到不能。

  ——不愿,通过反复宣传强调政策也给予奖励、鼓励和支持,宣传引导大家认识到重要性,把监测工作做好。

Wednesday, March 6, 2019

गोरखपुर की 'घर वापसी' कराने में जुटे योगी आदित्यनाथ, 'सियासी दुश्मन' से मिलाया हाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी परंपरागत गोरखपुर लोकसभा सीट को सपा से छीनने की रणनीति में जुट गए हैं. इसी कड़ी में उन्होंने सपा के निषाद कार्ड के जरिए ही अखिलेश यादव को मात देने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. बतौर सांसद योगी के लिए हमेशा से चुनौती पेश करने वाला जमुना प्रसाद निषाद का परिवार सपा को अलविदा कहने की तैयारी में है.

माना जा रहा है कि दिवंगत जमुना निषाद की पत्नी और पूर्व विधायक राजमती निषाद और उनके बेटे अमरेंद्र निषाद बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. ये सपा के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है. वहीं, गोरखपुर में एक बार फिर बीजेपी के लिए कमल खिलने की उम्मीद बनती दिख रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर में थे. इस दौरान अमरेंद्र निषाद ने सीएम योगी से शहर के सर्किट हाउस में मुलाकात की. इसी के बाद से सियासी कयास लगाए जा रहे हैं कि अमरेंद्र निषाद और उनकी माता राजमती निषाद ने सपा छोड़ने का फैसला कर लिया है. इस बात को अमरेंद्र निषाद ने खुद ही स्वीकार किया है.

हालांकि, अमरेंद्र ने बीजेपी में जाने को लेकर पत्ता नहीं खोला है. लेकिन जिस तरह से उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की है और नई विचाराधारा के साथ जुड़ने की बात कर रहे हैं, उससे साफ जाहिर है उनका अगला सियासी ठिकाना कहां है.

दरअसल, सपा-बसपा गठबंधन में गोरखपुर लोकसभा सीट सपा के खाते में गई है. गोरखपुर संसदीय सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा है. पिछले तीन दशकों तक यहां न तो बसपा की सोशल इंजीनियरिंग काम आई है और न ही सपा का समाजवाद. लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद जब बीजेपी ने सत्ता की कमान योगी आदित्यनाथ को सौंपी तो उन्होंने इस सीट से लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.

इसके बाद 2018 में हुए उपचुनाव में सपा ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को टिकट दिया. गोरखपुर उपचुनाव में सपा को बसपा का समर्थन मिला और प्रवीण निषाद ने बीजेपी की इस परंपरागत सीट को छीन लिया. 

2019 के लोकसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. ऐसे में सपा से इस सीट पर प्रवीण निषाद का टिकट पक्का माना जा रहा है. ऐसे में जमुना प्रसाद निषाद का परिवार अपने सियासी वजूद को बचाए रखने के की कोशिशों में जुट गया. पिछले दिनों अमरेंद्र निषाद और उनकी माता राजमती निषाद ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और लोकसभा चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की.

इस बात की जैसे ही भनक योगी आदित्यनाथ को लगी तो जमुना निषाद के परिवार से अपने सियासी दुश्मनी को भुलाकर उन्हें अपने खेमे में लाने की कवायद शुरू कर दी. सूत्रों की मानें तो इसी कड़ी के तहत अमरेंद्र निषाद ने योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि उन्होंने बीजेपी में एंट्री की हरी झंडी दे दी है.

दिलचस्प बात ये है कि गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ को अब तक सबसे बड़ी चुनौती जमुना प्रसाद निषाद ही देते आए थे. एक बार तो योगी को उनके सामने जीतने में पसीने छूट गए थे और महज करीब 7 हजार वोट से ही जीत सके थे.

जमुना प्रसाद के निधन के बाद उनकी पत्नी राजमती निषाद पिपराइच से सपा के टिकट पर विधायक बनी थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ राजमती निषाद प्रत्याशी बनाया था. लेकिन वो जीत नहीं सकी थीं. 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने राजमती के बेटे अमरेंद्र निषाद को पिपराइच सीट से मैदान में उतारा था, लेकिन वो जीत नहीं सके.