Friday, January 25, 2019

हार्दिक पंड्या - केएल राहुल एपिसोड के बाद क्यों नाराज हो गई थीं करण जौहर की मां?

मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर स्विटज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा ले रहे हैं. करण इस बैठक में तीसरी बार शामिल हो रहे हैं. उन्होंने इंडिया टुडे के साथ राहुल कंवल से ख़ास बातचीत में बताया कि किस तरह बॉलीवुड की दुनिया और कल्चर से बाहर ऐसी बैठकों में आने से नया दृष्टिकोण मिलता है. इस दौरान उन्होंने अपने शो कॉफी विद करण में हार्दिक पंड्या और के एल राहुल को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी मां से जुड़ा किस्सा भी साझा किया.

बातचीत के दौरान करण ने बताया, "मेरी मां मुझसे बेहद नाराज़ थी. वो हार्दिक पंड्या की बड़ी फैन हैं. उन्होंने मुझे कहा कि तुमने उसके साथ ऐसा क्यों किया? मां के इस सवाल पर मैं हैरान था. मैंने उनसे कहा कि मैंने कुछ नहीं किया है.  देशभर में कई महिलाओं ने इस शो के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन मैंने अपनी मां को ही नाराज़ कर दिया."

"लेकिन मुझे लगता है कि मेरे शो पर आए क्रिकेटर्स के साथ काफी कठोरता बरती गई है. मैं मानता हूं कि उन्होंने कुछ गलत चीज़ें कहीं हैं और उन्हें इस बात की सज़ा भी मिल चुकी है. अब मुझे लगता है कि सभी विवादों को भुलाकर इन दो शानदार क्रिकेटर्स को अपने गेम पर फोकस करने देना चाहिए."


क्रिकेटर्स के साथ जुड़े विवाद को लेकर करण ने यह भी बताया, "लोगों ने इस शो के विवाद के बाद मुझसे कहा कि हम इसे एडिट कर सकते थे. लेकिन मुझे इसका एहसास ही नहीं हुआ. मुझ पर महिला द्वेषी होने के आरोप लगे. लेकिन लोगों को पता होना चाहिए कि मैं एक प्रोग्रेसिव फेमिनिस्ट इंसान हूं. विडंबना ये है कि हमारे शो को कई महिलाएं ही चलाती हैं. इस शो की डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एडिटर महिलाएं ही हैं लेकिन किसी को भी ऐसा नहीं लगा. लेकिन मैं ये जरूर कहना चाहता हूं कि अगर हमने लोगों का अपमान किया है तो हमें माफी मांगनी चाहिए."

बताते चलें कि करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में पिछले दिनों क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल ने शिरकत की थी. इस दौरान महिलाओं को लेकर की उनकी टिप्पणियों पर विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों क्रिकेटर्स पर बीसीसीआई की ओर से कार्रवाई की खबरें आईं. दोनों को काफी आलोचना झेलनी भी पड़ी थी.

बिहार सरकार में मंत्री झा ने कहा कि कुछ लोग उनकी तुलना इंदिरा गांधी से कर रहे हैं, इंदिरा गांधी फिरोज शाह की पत्नी थी उनके पति ने लोकसभा में कई मुद्दों को उठाया था. लेकिन रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर जमीन घोटाले हैं, ऐसे में प्रियंका की तुलना इंदिरा से करना गलत है. आपको बता दें कि विनोद नारायण झा बीजेपी नेता हैं और बिहार की नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.

उनके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री पर कहा कि उन्हें सपा-बसपा को डराने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रियंका राजनीति में रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिनिधि के तौर पर आई हैं. इससे रॉबर्ट वाड्रा का मुद्दा लाइमलाइट में आएगा.

गौरतलब है कि बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया. प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है. इस प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया गया है. हालांकि, कुछ नेताओं ने इसे राहुल गांधी की असफलता बताया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से ये सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस ने अब स्वीकार लिया है कि राहुल गांधी असफल साबित हुए हैं. हालांकि, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में चुनौती नहीं मानते हैं.

का डिजाइन ग्लास मेटल का बै और रियर  में V शेप्ड पैटर्न दिया गया है. ग्रेडिएंट कल स्कीम है – मिडनाइट ब्लैक और ब्लू सफायर. रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में ये दोनों कलर वेरिएंट्स लॉन्च किए जाएंगे. कंपनी द्वारा लॉन्च के लिए मीडिया इन्वाइट्स भेजे जा चुके हैं और इसे गुरूग्राम में 29 जनवरी को लॉन्च किया जा रहा है.

Thursday, January 17, 2019

कस्‍टमर को गुमराह कर रहा टाटा स्‍काई! TRAI ने मांगी रिपोर्ट

अगर आप DTH ऑपरेटर टाटा स्‍काई के कस्‍टमर हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है. दरअसल,  टाटा स्‍काई पर अपने कस्‍टमर्स को गुमराह करने के आरोप लगे हैं. इस शिकायत के बाद भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टाटा स्‍काई से स्‍टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. बता दें कि ट्राई ने कस्‍टमर्स को नई नियामक व्यवस्था के तहत चैनल चुनने के लिए 31 जनवरी तक का समय दिया है.नए नियमों के तहत दर्शक सिर्फ उन चैनलों का चयन कर सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं जो वे देखना चाहते हैं.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ट्राई ने टाटा स्काई को पत्र लिखा है. इस पत्र में कहा गया है- कस्‍टमर्स से बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं कि कंपनी ने नई नियामकीय रूपरेखा के तहत अपनी प्रणाली में कस्‍टमर्स को विकल्प का प्रावधान नहीं किया है. इसके अलावा कस्‍टमर्स को टाटा स्काई के ग्राहक सेवा केंद्र भी गुमराह कर रहे हैं. इन केंद्रों पर कहा जा रहा है कि ट्राई ने नई नियामकीय व्यवस्था के क्रियान्वयन की तारीख बढ़ा दी है. ट्राई ने कहा कि यह सूचना पूरी तरह गलत है. ट्राई के मुताबिक उसने कस्‍टमर्स को टीवी चैनल चुनने के लिए 31 जनवरी, 2019 तक का समय दिया है. जानकारी के लिए बता दें कि यह नए नियम 29 दिसंबर से लागू होने वाले थे लेकिन प्रसारकों और डीटीएच ऑपरेटर्स के अनुरोध के बाद ट्राई ने इसे 31 जनवरी तक बढ़ाने का फैसला किया.

क्‍या है नया नियम

ट्राई के नए नियम के तहत कस्‍टमर अपने डीटीएच ऑपरेट को सिर्फ उतना ही पैसा देंगे जितने चैनल देखना चाहते हैं. अभी तक ये होता रहा है कि कस्‍टमर 250 से 300 रुपये तक के मासिक प्‍लान रिचार्ज कराते थे. इस मासिक प्‍लान में आपकी पसंद के चैनल तो होते थे लेकिन वो चैनल भी होते थे जिन्‍हें कस्‍टमर कभी देखते नहीं थे.  वहीं कस्‍टमर को अपने कई पसंदीदा चैनल देखने के लिए अतिरिक्‍त कीमत चुकानी पड़ती है.  यानि ट्राई के नए नियम लागू होने के बाद कस्‍टमर पर डीटीएच ऑपरेटर चैनल नहीं थोप सकेंगे. आसान भाषा में समझें तो यूजर्स को उन्हीं चैनल के लिए भुगतान करना होगा, जिन्हें वो देखना चाहते हैं. ट्राई के इस नए नियम के तहत डीटीएच ऑपरेटर को सभी चैनल अलग- अलग या किसी एक बुके में देने होंगे. इसके साथ ही यूजर को टीवी स्क्रीन पर प्रत्येक चैनल की कीमत भी बताई जाएगी.

ट्राई की नई व्‍यवस्‍था के तहत कस्‍टमर को सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए एक नेटवर्क क्षमता शुल्क 130 रुपये + जीएसटी देना होगा. यह कस्‍टमर को दिए जाने वाले 100 चैनलों का शुल्क है. इन 100 चैनल में टीवी ऑपरेटर्स को प्रसार भारती के 24 चैनल्स को अनिवार्य रूप से रखना होगा. वहीं अगर कोई कस्‍टमर 100 से अधिक चैनल सब्सक्राइव करना चाहता है तो उसे 20 से 25 रुपये प्रति चैनल एक्‍सट्रा चार्ज के रूप में भुगतान करने होंगे.

Wednesday, January 9, 2019

WhatsApp सिक्योरिटी के लिए आ रहा ये नया फीचर

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर फिंगरप्रिंट ऑथेन्टिकेशन मिलने की खबरें कुछ दिन से आप सुन रहे होंगे. अब लगभग ये कनफर्म हो चुका है कि WhatsApp में फिंगरप्रिंट ऑथेन्टिकेशन दिया जाएगा. WAbetainfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप ने गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के जरिए एक नया अपडेट सबमिट किया है जिसमें ये फीचर दिया गया है.

गौरतलब है कि वॉट्सऐप ने iPhone यूजर्स के लिए फेस आईडी और टच आईडी का फीचर तैयार कर लिया है. हालांकि इसे स्टेबल अपडेट में नहीं दिया गया है. इसके बाद कंपनी अब एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए ऑथेन्टिकेशन फीचर पर काम कर रही है जिसके तहत फिंगरप्रिंट का यूज होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक इस नए फीचर के आने के बाद वॉट्सऐप में एक नया सेक्शन जुड़ेगा जहां से यूजर्स फिंगरप्रिंट फीचर को एनेबल कर सकते हैं. यह ठीक iOS में दिए जाने वाले फीचर जैसा ही होगा और इसके जरिए ऐप को लॉक किया जा सकेगा. वॉट्सऐप ओपन करने के लिए यूजर को अपनी आईडेंटिटी के लिए फिंगरप्रिंट स्कैन करना होगा.

फिंगरप्रिंट के डैशबोर्ड में तीन ऑप्शन् हैं  - फिंगरप्रिंट, कैंसिल और डिवाइस क्रेडेन्शियल. अगर गलती से वॉट्सऐप आपके फिंगरप्रिंट को रीड नहीं कर पाया तो डिवाइस के पासवर्ड से आप इसे ओपन कर सकेंगे. ये अपडेट कब जारी किया जाएगा फिलहाल कंपनी ने जानकारी नहीं दी है.

आपको बता दें कि वॉट्सऐप में दूसरे मैसेंजर की तरह लॉग इन आईडी और पासवर्ड न होने की वजह से इस ऐप पर इसे लॉक करने का दबाव था. लोग इसे लॉक करने के लिए थर्ड पार्टी ऐप्स का सहारा लेते हैं और यह खतरनाक भी है.

वॉट्सऐप इसके अलावा भी कई फीचर्स की टेस्टिंग कर रहा है और हम लगातार आपको इनके बारे में बताते हैं. एक बात ध्यान में रखें की फीचर्स की टेस्टिंग होती रहती है, लेकिन इसे आप तक पहुंचने में समय लगता है. कई बार इसे बीटा यूजर्स ही यूज कर पाते हैं. आप भी अगर चाहें तो वॉट्सऐप बीटा प्रोग्राम का हिस्सा बन सकते हैं.

सीओ साहब ने सवाल दागा- आंसू गैस का गोला चलाने के बाद आप लेट जाएंगे? फिर सीओ साहब ने सबकी क्लास लगाई. हथियारों के सामान्य ज्ञान में यूपी पुलिस के जवानों का स्तर क्या है. थाने के दो दरोगाओं को छोड़कर दूसरे दरोगा तो पिस्टल और दूसरी राइफलों को खोल कर दोबारा बंद भी नही कर पाए. और ना ही उन्हें हथियारों के नाम तक पता थे.

जवानों के निरीक्षण के बाद साहब आगे बढ़े. हथियारों का निरीक्षण किया गया तो क्या सामने आया. पता चला कि कई बंदूक और हथगोले तो चार-चार साल पुराने हैं. कारतूस खराब हो चुके हैं. आंसू गैस के गोले भी धोखा दे गए. अब तो सीओ अरुण कुमार बुरी तरह झल्ला उठे और बोले- ये सारे एक्सपायर हो चुके हैं.

दरअसल, ये दौरा था बिजनौर के एक सीओ अरुण कुमार का जो नजीबाबाद थाने पहुंचे थे निरीक्षण करने. अब सोचिए भला थाने में अगर किसी इमरजेंसी से निपटने के लिए जवान ही तैयार ना हों और उनके हथियार भी एक्सपाइरी डेट के हों तो बुलंदशहर और गाज़ीपुर जैसी घटनाएं अगर हुईं तो उसमें हैरानी कैसी.

शायद इसी आधी अधूरी तैयारी का ही नतीजा था बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत. और गाज़ीपुर में सिपाही सुरेश वत्स की मौत हो गई. कुल मिला कर यूपी पुलिस के थानों और जवानों में बस इतनी सी दिक्कत है. बाकी सब ठीक है.

Tuesday, January 1, 2019

4 ऑटो ड्राइवर और उनके एक साथी ने महिला पैसेंजर से किया गैंगरेप

हरियाणा के गुरुग्राम में एक ऑटो में सवार हुई महिला से दरिंदगी का मामला सामने आया है. महिला ने आरोप लगाया है कि 4 ऑटो ड्राइवर और उनके एक साथी ने उसके साथ गैंगरेप किया. यह घटना तब हुई जब महिला नखडौला चौक से आईएमटी मानेसर स्थित कंपनी जाने के लिए निकली थी. लेकिन, ऑटो चालक महिला को किसी अज्ञात स्थान पर ले गए. यहां उन्होंने कमरे में महिला से गैंगरेप किया.

बताया जा रहा है कि महिला ने मानेसर थाने में इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है. महिला दिल्ली के नजफगढ़ एरिया की रहने वाली है. उसके पति की साल 2013 में मौत हो चुकी है. वो आईएमटी की एक निजी कंपनी में ठेकेदार का काम करते थे. मौत के बाद उनका काफी रुपया कंपनी से बकाया था. इसी रुपये के लेन-देन के लिए शनिवार 29 दिसंबर को करीब 2 बजे महिला दिल्ली से नखडौला बस से उतरी.

महिला ने शिकायत में बताया कि नखडौला में ऑटो चालक ने महिला से आईएमटी मानेसर तक चलने के लिए पूछा. ऑटो में चालक के अलावा एक अन्य युवक सवार था और दोनों आगे एक साथ ही बैठे थे. फिर वे उसे गांव भांगरौला स्थित एक कमरे में ले गए और वहां गैंगरेप किया.

वहां उनका एक तीसरा साथी भी आ गया, उसने भी महिला से दरिंदगी की. फिर देर शाम दोनों उसे ऑटो में बैठाकर रामपुरा मोड़ ले गए और वहां एक अन्य ऑटो में सवार दो युवकों ने भी महिला से गैंगरेप किया फिर वो उसे अज्ञात स्थान पर सड़क किनारे बेहोशी की हालत में छोड़ गए. होश आने पर रविवार को महिला मानेसर महिला थाने पहुंची और शिकायत दी.

तीनों आरोपी हुए गिरफ्तार...
मानेसर महिला थाना एसएचओ इंस्पेक्टर कांता ने बताया कि महिला से गैंगरेप करने वाले 3 आरोपी अंकित, दीपक व महिपाल को सोमवार सुबह अरेस्ट कर लिया गया है. इनसे पूछताछ की जा रही है. अन्य फरार आरोपियों की तलाश चल रही है.

ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज कर सीरीज में 1-1 से बराबर कराई थी. भारत अब चार मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. चौथा और अंतिम मैच गुरुवार से सिडनी में खेला जाएगा.

अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए नेताओं से लेकर अदालतों तक बहुत सी कोशिशें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है. ऐसे में सारी उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट से लगी हैं. कोर्ट इस मामले में सुनवाई कब होगी, इस पर 4 जनवरी को फैसला करेगा. हालांकि इस मामले के फैसले के लिए चारो ओर से आवाज उठ रही है.

दरअसल, ऐसा माना जाता है कि साल 1528 में अयोध्या में एक ऐसी जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया, जिसे हिंदू भगवान राम का जन्मस्थान मानते हैं. कहा जाता है कि विवादित जगह पर मस्जिद मुगल बादशाह बाबर के समय में उसके सेनापति मीर बाकी ने बनवाई थी. इस लिहाज से 500 साल पुराना मामला पहली बार आजादी के बाद 1950 में अदालत पहुंचा. इसके बाद से अभी तक फैसले का महज इंतजार हो रहा है. ऐसे में अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में है और सुनवाई की तारीख भी नए साल के साथ दस्तक दे रही है.